डॉ पंकज कुमार सिंह
भूतकाल: क्या है इस स्थान का गौरवशाली इतिहास? इस पावन स्थल का इतिहास आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व का है, जब कलियुग पावनकारी श्रीमन् महाप्रभु चैतन्य देव पुरी (ओडिशा) जाते समय झारखंड के इस वन्य मार्ग (झारीखंड) से गुजरे थे।
झारीखंड लीला का गवाह: मान्यताओं के अनुसार, जब महाप्रभु इस क्षेत्र से गुजर रहे थे, तब उनके दिव्य प्रेम और हरि-नाम संकीर्तन के प्रभाव से हिंसक जंगली जानवर (बाघ, हाथी, हिरण आदि) भी अपने हिंसक स्वभाव को भूलकर उनके साथ नृत्य करने लगे थे।

पवित्र पदचिह्न: इसी पहाड़ी पर महाप्रभु के पावन चरण पड़े थे, जिसके कारण इस पर्वत का नाम 'चरण पहाड़ी' पड़ा। लगभग 20 वर्ष पूर्व गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के संतों द्वारा इस प्राचीन और लुप्तप्राय पावन स्थल को पुनः खोजा गया और यहां व्यवस्थित रूप से पूजा-अर्चना शुरू की गई।
वर्तमान स्थिति: धार्मिक पर्यटन का उभरता केंद्रआज के समय में चरण पहाड़ी धाम न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि देश-विदेश के कृष्ण भक्तों और गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन चुका है।
सांस्कृतिक आयोजन: यहां हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर भव्य टुसू मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।
सरकारी पहल व विकास: वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस पावन भूमि को एक बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर लगातार काम किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां कई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में इसे राज्य के मानचित्र पर एक शीर्ष धार्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।चरण पहाड़ी धाम पहुंचने का सुगम मार्गयदि आप इस पावन स्थल के दर्शन करना चाहते हैं, तो यहां पहुचंना बेहद आसान है:
सड़क मार्ग द्वारा: यह स्थान रामगढ़ जिले के अंतर्गत कुजू (Kuju) में स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों के बीच स्थित है। रामगढ़ शहर या रांची से आप निजी कैब, ऑटो या बस के माध्यम से आसानी से कुजू पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग द्वारा: निकटतम रेलवे स्टेशन रांची रोड (Ranchi Road) और रामगढ़ कैंट (Ramgarh Cantt) हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य जंक्शन के रूप में बरकाकाना जंक्शन (Barkakana) भी यहां से काफी करीब है, जो देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा हुआ है।
वायु मार्ग द्वारा: यदि आप हवाई जहाज से आ रहे हैं, तो निकटतम हवाई अड्डा रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (IXR) है। वहां से आप सड़क मार्ग द्वारा लगभग 1 से 1.5 घंटे में रामगढ़ के कुजू स्थित इस धाम तक पहुंच सकते हैं।

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